Aligarh
अलीगढ़ में दबंगई का LIVE VIDEO, रेस्टोरेंट कर्मचारी की पिटाई CCTV में कैद: परिवार लगा रहा न्याय की गुहार।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक दबंगई का मामला सामने आया है, जहां थाना टप्पल क्षेत्र में एक पिज्जा रेस्टोरेंट के कर्मचारी के साथ आधा दर्जन से अधिक युवकों द्वारा कथित तौर पर जमकर मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट में हुड़दंग मचा रहे युवकों को जब कर्मचारी ने रोकने की कोशिश की, तो आरोपी नाराज हो गए और उन्होंने कर्मचारी पर हमला कर दिया। मारपीट की यह पूरी घटना रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित की पहचान कारीगर अक्षय धनगर के रूप में हुई है। मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 9 अक्टूबर से अब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने के लिए जगह-जगह भटक रहा है।
मामला अलीगढ़ के थाना टप्पल क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, एक पिज्जा रेस्टोरेंट पर कुछ युवक पहुंचे थे। आरोप है कि वहां युवकों द्वारा हुड़दंग मचाया जा रहा था। रेस्टोरेंट में काम करने वाले कारीगर अक्षय धनगर ने जब उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की और रेस्टोरेंट में शांति बनाए रखने के लिए कहा, तो युवक भड़क गए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि युवकों ने एकजुट होकर अक्षय धनगर के साथ मारपीट शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या आधा दर्जन से अधिक थी। आरोप है कि कई युवकों ने मिलकर अक्षय धनगर पर हमला किया और उसके साथ जमकर मारपीट की। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रेस्टोरेंट में हुई इस घटना ने कर्मचारी की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस कर्मचारी का काम रेस्टोरेंट में आने वाले लोगों को सेवाएं देना है, उसी कर्मचारी को कथित तौर पर हुड़दंग का विरोध करने की कीमत मारपीट के रूप में चुकानी पड़ी।
इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही जा रही है। रेस्टोरेंट में लगे कैमरे में अक्षय धनगर के साथ हुई मारपीट की घटना कैद हो गई। अब इस सीसीटीवी फुटेज को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, घटना के संबंध में सामने आए आरोपों की पुष्टि और फुटेज की जांच पुलिस की विवेचना का विषय है।
पीड़ित पक्ष की ओर से मामले में शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में रजत उर्फ करन, अमन और पांच से छह अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 115(2), 352, 351(3), 109(1) और 131 के तहत कार्रवाई दर्ज की गई है। इन धाराओं के तहत दर्ज मुकदमे में पुलिस को घटना से जुड़े तथ्यों, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी है।
वहीं, पीड़ित परिवार का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। परिवार के मुताबिक, 9 अक्टूबर से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पीड़ित पक्ष लगातार न्याय की मांग कर रहा है और अपनी शिकायत को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए जगह-जगह गुहार लगा रहा है। परिवार चाहता है कि मामले में निष्पक्ष जांच हो, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना की पड़ताल की जाए और मारपीट में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इस घटना के बाद सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर किसी कर्मचारी द्वारा रेस्टोरेंट में हुड़दंग करने से रोका जाता है, तो क्या उसके साथ मारपीट करना उचित है? कानून व्यवस्था के बीच इस तरह की घटनाएं आम लोगों और प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती हैं। हालांकि, मामले में सभी आरोपियों के दोष और उनकी भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
फिलहाल, पीड़ित परिवार को आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय मिलने का इंतजार है। अब देखना होगा कि थाना टप्पल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे क्या कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले में कितनी तेजी दिखाई जाती है।
10/21/2026 08:22 AM


















