Aligarh
अलीगढ़ में किसान सेना राजनीतिक का बढ़ता कुनबा, बरौला आईटीआई रोड पर खोला गया: कैंप कार्यालय।
अलीगढ़ में किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले संगठन किसान सेना राजनीतिक का कुनबा अब लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। संगठन की बढ़ती सक्रियता और किसानों-मजदूरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से अलीगढ़ के बरौला आईटीआई रोड पर किसान सेना राजनीतिक का नया कैंप कार्यालय खोला गया। इस कार्यालय के खुलने से क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को अपनी समस्याएं संगठन तक पहुंचाने के लिए एक स्थानीय मंच उपलब्ध होगा।
कैंप कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी देखने को मिली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने किसान सेना जिंदाबाद के नारे लगाकर संगठन के प्रति अपना उत्साह जाहिर किया। कार्यक्रम में किसानों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।
किसान सेना राजनीतिक लंबे समय से किसानों, मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों को उठाने का दावा करता रहा है। संगठन का कहना है कि खेती-किसानी से जुड़ी परेशानियां हों, मजदूरों के अधिकारों का मामला हो या आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हों, ऐसे मामलों में संगठन संबंधित लोगों की आवाज उठाने का प्रयास करेगा।
बरौला आईटीआई रोड पर खोले गए इस कैंप कार्यालय का उद्घाटन किसान सेना के राष्ट्रीय मंत्री अफरोज खान ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के दौरान संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कार्यालय खुलने पर खुशी जाहिर की और इसे संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीत पवार किसानों और मजदूरों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए जाने जाते हैं। संगठन की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई जाती रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित मुद्दों को प्रशासन के सामने रखने और समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करने की बात भी कही गई।
किसान सेना राजनीतिक का कहना है कि किसानों की समस्याएं केवल खेतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेती की लागत, फसलों का उचित मूल्य, कृषि से संबंधित सुविधाएं, मजदूरों की आर्थिक स्थिति और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने जैसी कई चुनौतियां भी उनके सामने रहती हैं। ऐसे में संगठन का प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद किसान और मजदूर अपनी समस्याओं को कैंप कार्यालय के माध्यम से पदाधिकारियों तक पहुंचा सकें।
बरौला आईटीआई रोड पर कैंप कार्यालय स्थापित होने के बाद अब क्षेत्र के लोगों को संगठन से संपर्क करने के लिए एक निश्चित स्थान मिल सकेगा। यहां किसानों और मजदूरों की शिकायतें सुनने, उनकी समस्याओं की जानकारी जुटाने तथा जरूरत के अनुसार संबंधित अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाने की दिशा में काम करने की योजना है। संगठन की ओर से उम्मीद जताई गई कि इस कार्यालय के माध्यम से लोगों की समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से उठाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के बढ़ते परिवार और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर भी चर्चा हुई। मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता और जनता के बीच उसकी सक्रियता होती है। यदि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं, तो संगठन आम लोगों के बीच अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकता है।
कैंप कार्यालय के उद्घाटन के दौरान किसान सेना जिंदाबाद के नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने की बात कही। कार्यक्रम में यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि संगठन का उद्देश्य केवल कार्यालय खोलना नहीं, बल्कि इसके माध्यम से लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने की व्यवस्था विकसित करना है।
राष्ट्रीय मंत्री अफरोज खान द्वारा फीता काटकर किए गए उद्घाटन के साथ ही बरौला आईटीआई रोड स्थित इस कैंप कार्यालय की शुरुआत हुई। संगठन के पदाधिकारियों को उम्मीद है कि कार्यालय के माध्यम से स्थानीय स्तर पर किसानों और मजदूरों से सीधा संवाद स्थापित होगा और उनकी समस्याओं को संबंधित मंचों पर उठाने में आसानी होगी।
कुल मिलाकर, अलीगढ़ में किसान सेना राजनीतिक का कैंप कार्यालय खुलना संगठन की स्थानीय गतिविधियों के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस कार्यालय के माध्यम से किसानों और मजदूरों की समस्याओं को कितनी प्रभावी तरीके से उठाया जाता है और उनके समाधान के लिए संगठन किस प्रकार की पहल करता है।
10/21/2026 07:59 AM


















