Aligarh
अलीगढ़
अलीगढ़ में दशहरा मेले के दौरान अफरा-तफरी, भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने संभाला मोर्चा:
अलीगढ़
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दशहरा पर्व के अवसर पर नुमाइश ग्राउंड में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई, जब रामलीला का जुलूस ग्राउंड के अंदर प्रवेश कर रहा था। इसी दौरान गेट पर लगी बैरिकेडिंग पर भीड़ का दबाव बढ़ गया और कुछ लोगों ने बैरियर तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा लाठी चलाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। हालांकि, पुलिस अधीक्षक नगर आदित्य बंसल ने वायरल वीडियो को लेकर सफाई देते हुए कहा है कि वीडियो में केवल तीन से चार सेकेंड का हिस्सा दिखाया जा रहा है, जबकि पूरी परिस्थिति को सामने नहीं रखा गया है। पुलिस का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और संभावित भगदड़ जैसी स्थिति को रोकने के लिए लोगों को बैरियर के पीछे किया गया। राहत की बात यह रही कि भारी भीड़ के बावजूद रावण दहन का कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ और लोग सुरक्षित अपने घरों को लौट गए।
दरअसल, सोमवार शाम अलीगढ़ के बन्नादेवी थाना क्षेत्र स्थित नुमाइश ग्राउंड में दशहरा पर्व के अवसर पर रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। रामलीला का जुलूस जब नुमाइश ग्राउंड के अंदर प्रवेश कर रहा था, उसी दौरान गेट पर लगी बैरिकेडिंग के पास भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। आरोप है कि कुछ लोगों ने जल्दबाजी में बैरियर तोड़कर अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया। भीड़ का दबाव लगातार बढ़ने के कारण पुलिस के सामने स्थिति को नियंत्रित करने की चुनौती खड़ी हो गई।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने और व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। लेकिन जब कुछ लोग बैरियर पार कर अंदर जाने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसी दौरान एक सिपाही द्वारा लाठी चलाए जाने का वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में पुलिसकर्मी को भीड़ की ओर लाठी चलाते हुए देखा जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की अवधि महज तीन से चार सेकेंड बताई जा रही है और पुलिस का कहना है कि इसमें घटना की पूरी परिस्थिति दिखाई नहीं गई है।
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक नगर आदित्य बंसल ने बताया कि रावण दहन कार्यक्रम के मद्देनजर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। रामलीला का जुलूस नुमाइश ग्राउंड के अंदर प्रवेश कर रहा था, तभी कुछ लोगों ने जबरदस्ती बैरियर तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, यदि भीड़ बैरियर पार करके आगे बढ़ जाती, तो लोग रावण के पुतले के बेहद करीब पहुंच सकते थे। ऐसी स्थिति में संबंधित लोगों के साथ-साथ वहां मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता था। भीड़ अधिक होने के कारण भगदड़ या कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी अप्रिय घटना की आशंका भी बन सकती थी।
एसपी सिटी के मुताबिक, लोगों को समझाते हुए बहुत ही सीमित बल का प्रयोग किया गया और उन्हें बैरियर के पीछे हटाया गया, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में घटना का केवल एक छोटा-सा हिस्सा दिखाया जा रहा है। पुलिस का पक्ष है कि पूरी परिस्थिति को सामने रखे बिना इस वीडियो को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस बार रावण दहन कार्यक्रम में अप्रत्याशित रूप से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। करीब 30 हजार से अधिक लोगों की भीड़ होने की बात सामने आई है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के चलते सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। पुलिस ने पहले से ही शहर में रूट डायवर्जन की व्यवस्था की थी, ताकि कार्यक्रम स्थल के आसपास यातायात को नियंत्रित रखा जा सके। इसके बावजूद कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ नुमाइश ग्राउंड के गेट से बाहर निकलने लगे, तो वहां जाम की स्थिति पैदा हो गई।
10/21/2026 08:06 AM


















