Aligarh
आधुनिक शिक्षण तकनीकों से लैस हुए शिक्षक, अल-बरकात इंस्टीट्यूट के कम्युनिटी सर्विस प्रोग्राम का सफल समापन:
अलीगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के कौशल विकास और आधुनिक शिक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में अल-बरकात इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (एबी) द्वारा आयोजित एक माह लंबा ‘कम्युनिटी सर्विस प्रोग्राम’ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह विशेष प्रशिक्षण अभियान 1 मई से 26 मई तक हाइब्रिड मोड में संचालित किया गया, जिसमें ऑफलाइन कक्षाओं के साथ-साथ गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन सत्र भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य अलीगढ़ के विभिन्न स्कूलों के अप्रशिक्षित एवं महत्वाकांक्षी शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और प्रभावी कक्षा संचालन के लिए तैयार करना था।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अल-बरकात एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. एस. एम. अमीन के संरक्षण तथा संस्थान की प्राचार्या डॉ. रुबीना शाहनाज के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविदों ने अपने व्याख्यानों और प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को नई शिक्षा तकनीकों से परिचित कराया।
संस्थान की ओर से श्री हिमांशू कुमार शर्मा, श्रीमती शगुफ्ता, डॉ. तबस्सुम क़मर, डॉ. अफ़शां अनीस और डॉ. शाज़िया अमानी ने शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में मालदीव के शिक्षा मंत्रालय से डॉ. उषाश्री बल्ला, न्यूजीलैंड से प्रो. परवेज करामत, डी.एस. कॉलेज अलीगढ़ के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सचिन कुमार वर्मा तथा एबीइआरटीआई (अबीर्ति) से डॉ. शेख नोमान अहमद अज़हरी ने आधुनिक शिक्षण विधियों, बाल मनोविज्ञान, प्रभावी संवाद कौशल और व्यवहारिक शिक्षण पद्धतियों पर विशेष प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अलीगढ़ के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से कुल 122 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें ब्लू लैंड पब्लिक स्कूल, अर्बन पब्लिक इंटर कॉलेज, एम. ग्रीन गार्डन हाई स्कूल, एम.आई.एस.यू. किड्स स्कूल, मदरसा इस्लाम-ए-मुआशरा, सेक्रेड इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, श्री आर.पी.एस. इंटर कॉलेज और स्प्रिंग बेल्स पब्लिक स्कूल सहित कई संस्थानों के शिक्षक शामिल रहे। प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रशिक्षण प्राप्त कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम के समापन समारोह में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के भूगोल विभाग से डॉ. अहमद मुज्ज्झबा सिद्दीकी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में ‘टीचिंग एंड लर्निंग प्रोसेस’ यानी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समय के साथ नई तकनीकों और नवीन शिक्षण पद्धतियों को अपनाना बेहद आवश्यक हो गया है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने की अपील भी की।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को एक माह की उपस्थिति और प्रशिक्षण पूर्ण करने के आधार पर विशेष प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा उन स्कूलों के प्रबंधन एवं प्रधानाचार्यों को भी ‘सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन’ देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने शिक्षकों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भेजकर सहयोग प्रदान किया।
संस्थान की प्राचार्या डॉ. रुबीना शाहनाज ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और सहयोगी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से लैस करना था, ताकि वे कक्षाओं में शिक्षा को अधिक प्रभावशाली, रोचक और गुणवत्तापूर्ण बना सकें। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले संस्थान के सभी शिक्षकगण और गैर-शिक्षण स्टाफ का भी आभार व्यक्त किया।
05/27/2026 01:17 PM


















