Aligarh
अलीगढ़ में सरकार की उपलब्धियों का बखान करने वाले कैबिनेट मंत्री फाइव ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बताने में अटके:
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश सरकरा में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही अनुभवी नेताओं में गिने जाते है. अलीगढ़ के प्रभारी मंत्री भी है. दो दिन के दौरे के बाद शनिवार को सर्किट हाउस में सूर्य प्रताप शाही मीडिया को सरकार की उपलब्धि गिना रहे थे. लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन बताने में अटक गये. उनके मुख से क्या निकला सुन सकते है. कैबिनेट मंत्री पांच लाख के बाद बोलने में अटके. पहले मिलियन बोले, फिर ट्रिलियन बोले. वहीं उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की छवि पूरे देश में बदली है. यूपी देश का दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक निवेश का राज्य बन गया है. और योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में यूपी की अर्थव्यवस्था को पहले नम्बर पर पहुंचायेंगे. वही यूपी की अर्थव्यवस्था को एक लाख मिलियन डालर में भी अटक गये. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक लाख यूएस ट्रिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट तक पहुचायेंगे. हांलाकि उनकी कोशिश सही बोलने की थी।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा की किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ किसानों के खातों में पैसा भेजकर किया गया . उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण योजनाओं को बढ़ाए जाने की दिशा में सरकार लगातार आगे बढ़ रही है. . अलीगढ़ में किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से तीन लाख 75 हजार 138 किसानों को 674 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है. उन्होने किसानों से अपील की है कि किसान भाई आगे आने वाले समय में कोई व्यवधान न हो इसलिए अपना ई- केवाईसी और भूमि लेख अंकन अवश्य करा लें. जिससे उनके सामने कठिनाई न आये।
उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड के भीतर प्राकृतिक खेती के लिए 47 विकास खंडों में करेंगे. इसके साथ ही गौ आधारित प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की छवि पूरे देश में बदली है. उन्होंने कहा कि राज्य के भीतर कृषि क्षेत्र में बदलाव की जरूरत है. इसके लिए 104 ड्रोन उत्तर प्रदेश में लगाएंगे और हर जनपद में एक ड्रोन होगा. यह कृषि विश्वविद्यालय या कृषि विज्ञान केंद्र, एफपीओ, साधन सहकारी समिति को अनुदान के तहत उपलब्ध कराएंगे. उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से रासायनिक उर्वरक व पेस्टिसाइड के इस्तेमाल कर लागत , समय , मानव श्रम की बचत हो सकेगा. इसके साथ ही मानव स्वास्थ्य को जो हानि होती है. उससे भी सुरक्षित रहा जा सकेगा. इसको प्राथमिकता के आधार पर कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बिना बिजली के किसान खेतों की सिंचाई कर सकें. इसके लिए सोलर पैनल के प्रबंध किए जा रहे हैं. किसानों को केती की लागत में कमी आए. इसलिए इसके इंतजाम किए जा रहे हैं. 30 परसेंट भारत सरकार, 30 परसेंट राज्य सरकार अनुदान देखकर किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए जा रहे हैं. किसान केवल 40% अंश लगाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य में कम बरसात को देखते हुए दो लाख मिनी किट यूरिया के निशुल्क वितरण करने का निर्णय लिया है. वही दो लाख मिनी किट मसूर और दलहन के बीज किसान को उपलब्ध कराएंगे. जिससे कम वर्षा के कारण जिनके खेतों की बुवाई नहीं हो सकी है. या फसल खराब हो गई है .उनको लाभ पहुंचाया जाएगा।
09/03/2022 06:44 PM


















