Aligarh
इस्लामिक मिशन स्कूल में 3 साल की बच्ची को हिजाब पहनने का लगाया आरोप: स्कूल प्रबंधक ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि साजिश के तहत बच्चे के परिजन आरोप लगा रहे हैं।
अलीगढ़। माना जाता है कि गुरु का स्थान माता पिता के स्थान से बड़ा होता है। क्योंकि गुरु ही अपनी शिक्षा से अपने शिष्य के भविष्य को बनाता है। लेकिन जब गुरु को ही बदनाम करने की कोशिश की जाती है तो गुरु शिष्य के बीच में शिक्षा और भविष्य को लेकर दरार पड़ना आम बात हो जाती है।
दरअसल मामला अलीगढ़ के इस्लामिक मिशन स्कूल का है। यहां पिछले दिनों 3 साल की बच्ची को हिजाब पहनकर स्कूल में आने की बात को लेकर हंगामा हुआ। बच्ची के पिता ने बताया कि स्कूल में ना ही राष्ट्रगान होता है। और ना ही हिंदी पढ़ाई जाती है। एवं मेरी 3 साल की बच्ची को जबरन हिजाब पहनकर स्कूल आने को कहा जाता है। जब इस बात की जानकारी स्कूल प्रबंधक से ली गई तो उन्होंने अपने स्कूल की कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से स्कूल में होने वाले राष्ट्रगान की बात को स्पष्ट कराया । विद्यार्थियों का कहना है कि हमारे स्कूल में प्रतिदिन राष्ट्रगान होता है। एवं कक्षाओं में एनसीईआरटी के आधार पर पढ़ाई कराई जाती है। वही स्कूल प्रबंधक ने बताया कि जिस बच्ची के पिता ने हमारे स्कूल पर जो आरोप लगाए हैं। उन्होंने गत दिनों अपनी बच्ची की फीस माफी को लेकर स्कूल प्रबंधन से कहा था । स्कूल प्रबंधक उन्हीं बच्चों की फीस माफ करता है जो गरीबी रेखा के नीचे होते हैं। बच्ची के पिता जबरदस्ती अपनी बच्ची की फीस माफ करना चाहते थे । जिसको लेकर उसके पिता ने गत दिनों स्कूल में आकर हंगामा भी काटा। जिसकी शिकायत जिलाधिकारी महोदय से स्कूल प्रशासन ने की हुई है। बच्ची के पिता ने कहा कि 3 साल की बच्ची जो कि नर्सरी क्लास में उसका दाखिला कराया था। इतनी छोटी बच्ची हिंदी के शब्द नहीं लिख सकती । आगामी कक्षाओं में हिंदी का पाठ्यक्रम हमारे स्कूल में पढ़ाया जाता है। छोटे बच्चों को हिंदी का अभ्यास कराया जाता है। बच्ची के पिता द्वारा गत दिनों स्कूल में किए गए हंगामे को अपने पक्ष में लेने के उद्देश्य से स्कूल को बदनाम करने की कोशिश की गई थी । स्कूल में सभी बच्चों का एक ही ड्रेस कोड रखा गया है। जिसके आधार पर ही बच्ची को ड्रेस पहनकर स्कूल आने की बात कही गई थी। यदि बच्चे के पिता को उस ड्रेस में कोई आपत्ति थी तो वह हमें लिखकर दे देते। तो हम उस पर स्कूल कमेटी से विचार कर बच्ची को उसके अनुसार ड्रेस पहन कर आने को कह देते । लेकिन लगातार इस मामले को तूल देने के उद्देश्य से बच्ची के पिता के द्वारा जबरदस्ती हिजाब पहनकर कर आना, राष्ट्रगान का ना होना एवं हिंदी ना पढ़ाना का आरोप स्कूल पर लगाया है, जिसका पूर्ण रूप से स्कूल प्रबंधक डॉ कुनैन कौसर ने खंडन किया है और बेबुनियाद बताया है।
08/31/2022 05:50 AM