Aligarh
ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही , टांके टूटने से युवक का फटा पेट , सीएमओ ने बैठाई जांच:
अलीगढ़ के थाना क्वार्सी क्षेत्र के एटा बाईपास रोड कयामपुर स्थिति हार्दिक हॉस्पिटल के डॉक्टरों का हैरान कर देने वाला कारनामा सामने आया है. गांव के रहने वाले युवक के पेट दर्द के बाद आपरेशन कर दिया. फिर टांके टूटने से पेट से आंते बाहर आ गई . जिसके बाद परिवार के लोग युवक का उपचार कराने के लिए हार्दिक अस्पताल में लेकर पहुंचे . जहां डॉक्टरों ने युवक के पेट का ऑपरेशन करने के दौरान फिर टांके लगा दिये. पीड़ित युवक घर पहुंचा. तो पेट के टांके फिर टूट गए और उसका पेट दो हिस्सों में बंट गया।
परिवार के लोगों ने ऑपरेशन के बाद जब युवक के पेट दो हिस्सों में बंटा देखा तो उनके होश उड़ गए. आनन-फानन में परिवार के लोग युवक को गंभीर हालत में हार्दिक अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने युवक को अपने अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया. जिसके बाद परिवार के लोग युवक की हालत को नाजुक देखते हुए दिल्ली लेकर पहुंचे. लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने युवक को भर्ती करने से इंकार कर दिया. फिर परिवार के लोग युवक को गंभीर हालत में वापस अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए लेकर पहुंचे. जहां मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने युवक को भर्ती करने से मना कर दिया. जिसके चलते युवक की हालत गंभीर हो गई. परिवार के लोग ऑपरेशन कराने वाले अस्पताल के डॉक्टरों के पास पहुंचे. तो वहां पर भी ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों ने अपना पल्ला झाड़ते हुए युवक को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया. जिसके बाद परिवार के लोगों ने डॉक्टरों पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया है. जबकि युवक ओमवीर डॉक्टरों की इस बड़ी लापरवाही के चलते चारपाई पर लेटा हुआ जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
युवक के भाई प्रदीप का आरोप है कि पेट का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों ने उसके भाई को अस्पताल में भर्ती करने से साफ तौर पर मना कर दिया. पीड़ित का आरोप है कि उसने अपने भाई का उपचार कराने के लिए अपनी जमीन जायदाद बेचकर अपने भाई के पेट का ऑपरेशन कराया था. जबकि वह अपने भाई का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों के ऊपर अपना सब कुछ गंवाने के बावजूद भी उसका भाई जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल के बाहर झूल रहा है. परिवार के लोगों का आरोप है कि हार्दिक अस्पताल के डॉक्टर उसके भाई की हालत बिगड़ने के बावजूद भी अपने अस्पताल में भर्ती नहीं कर रहे है. वहीं इस वाकये की शिकायत सीएमओ से की गई है. जिसके बाद जांच बैठा दी गई है. बताया जा रहा है कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी नहीं है. रेफर पर्चे पर कोई रजिस्ट्रेशन नम्बर नहीं है जिसके चलते अन्य अस्पतालों ने अपने यहां भर्ती नहीं किया. वहीं पीड़ित का करीब तीन लाख रुपये खर्च हो चुका है।
अलीगढ़ सीएमओ कार्यालय से जांच एवं कार्यवाही के लिए हार्दिक हॉस्पिटल कयामपुर टीम पहुंच चुकी है, और एक वीडियो के अनुसार जांच टीम द्वारा अस्पताल संचालक को अस्पताल के सभी दस्तावेज के साथ शाम तक का समय दिया गया है।
08/22/2022 02:54 PM


















