Aligarh
सर्जन डॉक्टर सहित निजी लैब और जिला अस्पताल लैब इंचार्ज पर 45 लाख का जुर्माना:
अलीगढ़ के एक जाने-माने सर्जन डा. ज्ञान कुमार सहित अशोका पैथोलॉजी लैब के संचालक डा. अशोक कुमार और जिला अस्पताल की लैब के इंचार्ज पर जिला उपभोक्ता आयोग की ओर से 45 लाख रुपये का जुुर्माना लगाया गया है। यह फैसला एक युवती को लापरवाही से गलत खून चढ़ाने के बाद युवती की जान पर बान आने के संबंध में दायर याचिका के पक्ष में सुनाया गया है। इसके साथ ही यह भी आदेश दिया है कि युवती के परिवार को एक लाख रुपया उपचार खर्च 9 फीसद ब्याज दर से तीनों भुगतान करेंगे। साथ में 25 हजार रुपया वाद खर्च देंगे, इसके अलावा इतनी बड़ी लापरवाही पर तीनों 45 लाख रुपया उपभोक्ता वेलफेयर फंड में जमा करेंगे।रामजीलाल निवासी सिकंदराराऊ, हाथरस ने अर्जी दायर करते हुए कहा था कि उनकी 19 साल की बेटी के 26 फरवरी 2009 को छत से गिरने के कारण पैर फ्रैक्चर हो गया था।
इलाज को डॉ. ज्ञान कुमार के यहां भर्ती कराया था। 28 फरवरी को बेटी का ऑपरेशन करने के विषय में कहा। साथ ही बताया कि खून की आवश्यकता होगी। बेटी का खून नमूना लेकर अशोका पैथोलॉजी भेजा गया। वहां जांच में खून एबीओ-बी पॉजीटिव को एबी पॉजिटिव बता दिया गया।
अशोका पैथोलॉजी की रिपोर्ट लेकर वह 27 फरवरी को जिला अस्पताल की ब्लड बैंक से निर्धारित शुल्क जमा कर एबी ग्रुप का खून भी खरीद लाए। उसी खून को डॉ. ज्ञान ने ऑपरेशन के दौरान बेटी को चढ़ा दिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टर के कहने पर खून की फिर से जांच कराई तो वही रिपोर्ट दी गई। डॉक्टर ने 2 मार्च को दूसरी पैथोलॉजी से जांच कराई तो वहां से ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव बताया गया। इसके बाद डॉक्टर ज्ञान ने बेटी को आगरा रेफर कर दिया। आगरा के पुष्पांजलि हॉस्पिटल के निर्देश पर अलग-अलग पैथॉलॉजी से जांच कराई तो वहां एबीओ-बी पॉजीटिव बताया गया।
इसके बाद इलाज किया और कई दिन के इलाज के बाद बेटी की जान बच सकी। इस दौरान अलीगढ़ में ही उसकी किडनी पर असर पड़ा। रामजीलाल का कहना है कि उसने बेटी के उपचार के लिए अपने घर के जेवरात तक बेच दिए। इस पूरे कथन के साथ जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह के समक्ष याचिका प्रस्तुत की गई। इसमें गांधी पार्क चौराहा स्थित अशोका पैथोलॉजी के संचालक डॉ.अशोक कुमार, सर्जन डॉ. ज्ञान कुमार व मलखान सिंह जिला अस्पताल की पैथोलॉजी के इंचार्ज को आरोपी बनाया गया। आयोग की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद अशोका पैथोलॉजी के साथ साथ डॉ. ज्ञान व जिला अस्पताल लैब इंचार्ज को दोषी करार दिया है।
08/07/2022 09:04 AM


















