Aligarh
पीड़िता ने कुछ लोगों पर सरकार से पैसे लेने के लिए FIR करने के आरोप लगाए: मुख्यमंत्री के पास दो दिन धरना देने के बाद भी नहीं मिला न्याय- पीड़िता
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ की कोतवाली इगलास क्षेत्र के गांव हस्तपुर में एक दलित परिवार के लोगों द्वारा गांव के ही एक परिवार के लोगों पर 2009 से लेकर अब तक करीब एससी एसटी एक्ट सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। दलित परिवार के लोगों द्वारा गांव के ही लोगों पर दर्ज कराए गए sc-st के कुछ मुकदमों में पुलिस द्वारा जांच करने के बाद कुछ मुकदमे फर्जी पाए गए। जिसके बाद 4 मुकदमों को पुलिस ने जांच के बाद एक्सपंज किया गया। तो वही थाने पर दर्ज कराए गए sc-st के मुकदमों में सरकार से करीब 41 लाख का मुआवजा भी दलित परिवार के लोगों द्वारा लिया गया। दलित परिवार के शिकंजे में आए गांव के ही एक परिवार की महिला ने थाने से न्याय ना मिलता देख अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पहुंचकर एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई गई है एसएसपी कार्यालय पर न्याय की गुहार लगाने के लिए पहुंची महिला का आरोप है कि गांव के ही दलित परिवार के लोगों के द्वारा 2009 से उसके परिवार पर करीब 16 मुकदमें एससी एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए गए ओर थाने पर दर्ज कराए गए सभी 16 मुकदमों में उसके परिवार के लोगों को पुलिस ने पकड़ कर हर बार जेल की सलाखों के पीछे भेजा है। आरोप है कि इस बार दलित परिवार की महिला ने अपनी पुत्रवधू और बेटी के साथ उसके परिवार के तीन लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाते हुए अपने बेटे के ऊपर तेजाब से हमला किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। तो वही महिला का कहना है कि दलित परिवार के लोग समझौते के नाम पर उनसे जमीन की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी के कार्यालय पर न्याय की आस लगाते हुए फरियाद लेकर पहुंची कोतवाली इगलास क्षेत्र के गांव हंसतपुर निवासी पीड़ित महिला राजकुमारी देवी का आरोप है कि गांव के ही दलित समाज के विष्णु व चंद्रपाल के द्वारा उसके भाइयों पर एससी एसटी एक्ट सहित बलात्कार और तेजाब फेंकने के आरोप में करीब 2009 से 16 बार थाने पर अलग-अलग आरोपों में मुकदमा दर्ज कराए जा चुके है। जबकि दलित परिवार के युवकों द्वारा थाने पर दर्ज कराए गए इन सभी 16 मुकदमों में उसके परिवार के लोगों को हर बार जेल की सलाखों के पीछे ही जाना पड़ा है। आरोप है कि इस बार इस दलित युवक के द्वारा अपनी पत्नी और बहन के साथ सामूहिक बलात्कार ओर युवक के ऊपर तेजाब फेंकने के आरोप में उसके परिवार के लोगों पर 17 वी बार थाने पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। महिला का आरोप है कि विष्णु व चंद्रपाल के द्वारा अपने परिवार की महिलाओं के द्वारा भी एससी एसटी की धाराओं में भी कई बार मुकदमे दर्ज करा चुका है। जबकि इलाका पुलिस वादी पक्ष के द्वारा थाने पर दर्ज कराए गए sc-st के कई मुकदमों को जांच करने के बाद चार मुकदमे फर्जी पाए जाने पर एक्सपंज भी हो चुके हैं। जबकि एससी एसटी एक्ट में फर्जी मुकदमे लिखवाने वाले विष्णु व चंद्रपाल के परिवार की रूबी देवी,ओर चंद्रपाल के द्वारा एक-एक बार मुकदमा दर्ज कराया गया। तो वही विष्णु के द्वारा दो बार तेजाब फेंकने के आरोप में उनके परिवार के लोगों पर मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। आरोप है कि एससी एसटी के नाम पर मुकदमे दर्ज कराकर दलित परिवार के लोग सरकार से करीब 41 लाख रुपए का मुआवजा भी ले चुके हैं। जबकि कई मुकदमे फर्जी पाए जाने के बाद सरकार से मुआवजे के तौर पर दिए गए कुछ रुपयों को झूठे मुकदमे साबित होने के बाद वापस भी कराया गया है। महिला का आरोप है कि दलित परिवार के लोग समझौते के नाम पर उनकी जमीन का कुछ की मांग कर रहे हैं उनके द्वारा जब अपनी जमीन में से समझौते के नाम पर किसका देने से मना कर दिया तो दलित परिवार के लोगों ने उनके परिवार के तीन लोगों पर अपने परिवार की बहन और बहू के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के साथ ही युवक पर तेजाब फेंके जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया है ।
07/16/2022 11:54 AM


















