Aligarh
तारिक हत्याकांड में आरोपित भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय समेत तीनों दोषमुक्त: परिवार में खुशी, एटा जेल पहुंचे समर्थक।
अलीगढ़। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर 23 फरवरी 2020 को ऊपरकोट पर बवाल के दौरान बाबरी मंडी में सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी। इसमें गोली लगने से हार्डवेयर कारोबारी का बेटा मोहम्मद तारिक घायल हुआ था। तारिक के भाई शारिक ने विनय वार्ष्णेय, त्रिलोकी व सुरेंद्र वार्ष्णेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विनय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक दिन बाद विनय को एटा जेल शिफ्ट कर दिया गया था। इधर, विनय के एटा जेल में जाने के अगले दिन तारिक ने जेएन मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया था। इसके चलते हमले का मुकदमा हत्या में तरमीम हो गया था। इस मामले में जिला जज की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया है।
जिला जज डा. बब्बू सारंग की अदालत ने बुधवार को बाबरी मंडी के तारिक की हत्या के मामले में भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय समेत तीनों आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया। गवाहों के पक्षद्रोही होने पर अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
दौरान-ए-सत्र परीक्षण परिवार की ओर से पेश हुए चार गवाह अपने बयानों से मुकर गए। साथ में बचाव पक्ष पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को कमजोर साबित करने में सफल रहा। इस आधार पर बुधवार को तीनों आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। इनमें विनय गिरफ्तारी के बाद से ही एटा जेल में है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया गया, वहीं जमानत पा चुके त्रिलोकी व सुरेंद्र भी कोर्ट में हाजिर हुए। हत्या के आरोप से बरी होने की खबर सुनते ही तीनों के चेहरों पर रौनक आ गई। वहीं अदालत से बाहर निकलने के बाद समर्थकों ने खुशी जाहिर की। डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर ने परिवार के गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण अदालत द्वारा मुकदमे में आरोपियों को बरी किए जाने की पुष्टि की है।
07/07/2022 06:58 AM