Aligarh
उदयपुर में बनाई कांग्रेस ने रणनीति, अलीगढ़ में कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी कब होगी खत्म: विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार का जिम्मेदार कौन?
उदयपुर। कांग्रेस पार्टी अपने चिंतन शिविर में अगर अलीगढ़ मंडल के कोल विधानसभा शहर विधानसभा सहित अन्य विधानसभा को गंभीरता से लेती तो आज कांग्रेस पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं मैं गुटबाजी ना होती और ना ही विधानसभा चुनाव 2022 इतनी बुरी तरह से हारते, बल्कि अलीगढ़ की दो प्रमुख सीट शहर व कोल पर कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी जीत भी सकते थे परंतु रणनीतिकार शायद बंद कमरों में बैठकर रणनीति बनाते रहे और जमीनी स्तर पर कुछ नहीं कर पाए, उसके अतिरिक्त अलीगढ़ मंडल में कांग्रेस के नेताओं में गुटबाजी अपने चरम पर देखने को मिली, चाहे कोई भी चुनाव हो एक दूसरे का सहयोग करने को कोई तैयार नहीं यह सब यह विधानसभा चुनाव 2022 में देखने को मिला था, कांग्रेस पार्टी के महानगर अध्यक्ष रहे परवेज अहमद से उनका पद छीनने के परिणाम दोनों कोल व शहर सीट पर चुनावी हार का सबब हो सकता है।
कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि उदयपुर नव संकल्प शिविर में जो भी मंथन हुआ है उसको लागू किया जाएगा। हम नई ऊर्जा और नई सोच के साथ लोगों के बीच जाएंगे। नव संकल्प में जो भी हमने तय किया है, हम लॉच कर रहे हैं। सोनिया गांधी ने बताया कि गांधी जयंती के दिन पार्टी कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत जोड़ो यात्रा शुरू करेगी। सोनिया गांधी ने बताया कि इसमें इसमें तमाम युवा और बुजुर्ग भी हिस्सा लेंगे। सोनिया गांधी के मुताबिक, बिना किसी ब्रेक के यह यात्रा जारी रहेगी। इस यात्रा का मकसद सांप्रदायिक सौहार्द्र व हमारे संविधान की वैल्यू को बचाना है। सोनिया गांधी ने बताया कि दूसरे चरण में जनजागरण अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दे को उठाया जाएगा। पार्टी अध्यक्ष ने साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनावों को फोकस करते हुए इन मुद्दों पर अभियान चलाए जाएंगे। सीडब्ल्यूसी की नियमित बैठकें आयोजित कर राजनीतिक मुद्दों को समझा जाएगा और पार्टी को आगे बढ़ाया जाएगा। इस चिंतन शिविर के अंतिम दिन सोनिया गांधी ने एक विशेष नारा भी दिया...'हम वापस आएंगे। हम वापस आएंगे।' इसके बाद सोनिया गांधी ने कहा कि यह हमारा नव संकल्प है।
राहुल की कार्यकर्ताओं को सलाह
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को 'नव संकल्प शिविर' के समापन सत्र को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा कि आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार की कथित अराजक कदमों का कैसे जवाब दिया जाए। सरकार का फोकस गरीबों पर नहीं है। उसने अपने चंद पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाया है। मौजूदा वक्त में किसी को भी बोलने नहीं दिया जा रहा है। संसद में सदस्यों को बोलने नहीं दिया जा रहा। न्यायपालिका पर भी दबाव बनाया जा रहा है।राहुल गांधी ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि यदि कोई नहीं बोलेगा तो इसके गंभीर नतीजे देश को भुगतने पड़ेंगे। कांग्रेस पार्टी के डीएनए में सबको बोलने का अधिकार है। देश का कौन सा राजनीतिक दल इस प्रकार की बातचीत की अनुमति देगा..? निश्चित तौर पर भाजपा और आरएसएस ऐसा कभी नहीं करेंगे।
05/15/2022 03:07 PM


















