Aligarh
अनुचित लाभ की प्रत्याशा में फरियादियों को भटकाएं नहीं- वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक: इंस्पेक्टर बन्नादेवी को किया लाइन हाजिर।
अलीगढ़। सिविल सर्विस डे के दिन बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे एसएसपी कलानिधि नैथानी अचानक बन्नादेवी थाने पहुंच गए। थाने में मौजूद फरियादियों की भीड़ देख उनका माथा ठनक गया और कोतवाल से भीड़ को लेकर सवाल दागने शुरू किए तो वे निरुत्तर रहे। इस पर एसएसपी ने तत्काल कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही वायरलेस से जिले भर के कोतवालों को सिविल सर्विस का पाठ पढ़ाते हुए बेहतर जनसुनवाई का निर्देश दिया। देररात, बन्नादेवी में ही तैनात अपर एसएचओ राम कुंवर सिंह को इंस्पेक्टर बन्ना देवी का चार्ज दे दिया है।
एसएसपी कार्यालय तक कुछ थानों की शिकायतें अधिक पहुंच रही हैं और आरोप लग रहे हैं कि थाना स्तर पर बेहतर जनसुनवाई नहीं हो रही। इसी की पड़ताल करने के इरादे से बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे एसएसपी अपने साथ सीओ द्वितीय मोहसिन खान को लेकर अचानक बन्नादेवी थाने पहुंच गए। उन्होंने पाया कि थाने के गेट पर और प्रशासनिक भवन के बाहर काफी भीड़ खड़ी थी। उन्होंने खुद प्रशासनिक भवन के बाहर पोर्च में ही खड़े होकर कोतवाल से इस तरह लोगों के मौजूद होने और जनसुनवाई न होने पर पूछना शुरू किया तो वे कोई जवाब नहीं दे सके। इस दौरान रसलगंज के वसीम अब्बास से थाने में खड़े होने का कारण पूछा तो उसने बताया कि उसकी चोरी गई बाइक बरामद हो गई है, जिसका रिलीज आदेश भी अदालत से लेकर वे आ चुके हैं, मगर थाना कार्यालय से बार-बार टहलाया जा रहा है। इसी तरह एक टिर्री चालक को बुलाकर पूछा तो उसने बताया कि उसका बेटा थाना हवालात में है, मगर उसे क्यों पकड़ा गया है और न छोड़ा जा रहा है। इन दोनों विषयों पर कोतवाल कोई जवाब नहीं दे सके।
इसी तरह बरौला में मृत महिला के परिवार के तमाम लोग मौजूद थे। उनके इस तरह खड़े होने पर भी कोतवाल कोई जानकारी नहीं दे सके। कुल मिलाकर थाने में ये हालात देख और बेहतर जनसुनवाई न होते देख तत्काल कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया गया।
साथ में वायरलेस से संदेश प्रसारित किया कि आज सिविल सर्विस डे है। सिविल सर्विस के मायने बताते हुए कहा कि फरियादियों से अच्छा व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। थाना प्रभारी थाने की कार्यप्रणाली पर उचित ध्यान दें। अनुचित लाभ की प्रत्याशा में फरियादियों को भटकाएं नहीं। सीओ उनका पर्यवेक्षण करें। कम से कम दो बार सीओ यह जरूर देखें कि बिना लिखा पढ़ी के हवालात में कौन और क्यों बैठा है, जिस दरोगा पर चौकी का चार्ज नहीं है, उन्हें थाने में जनसुनवाई के लिए लगाएं। साथ में फरियादी की पूर्ण संतुष्टि तक पुलिस उसके साथ खड़ी हो।
सौ ० अमर उजाला
04/23/2022 05:39 PM


















