Aligarh
भाजपा शहर विधायक रहते स्वास्थ्य विभाग से पूछें कोविड-19 पर सवाल, आजतक नहीं मिले जवाब: अब पत्नी विधायक ने प्रशासन से मस्जिदों पर लगे लोडस्पीकर की संख्या पूछी।
अलीगढ़। अमर उजाला के 22 नवंबर 2021 में प्रकाशित खबर के अनुसार भाजपा के शहर क्षेत्र के विधायक संजीव राजा ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए कमिशभनर से शिकायत तो कर रखी है। मगर स्वास्थ्य विभाग ने इन शिकायतों और सवालों पर आजतक चुप्पी साध रखी है, न तो इन सवालों पर जांच का कोई नतीजा सामने आया है और न जवाब ही मिला है। इसे लेकर महकमे में तमाम चर्चाएं है।
विधायक संजीव राजा की ओर से एक दर्जन से अधिक सवाल खड़े करते हुए कमिशभनर को दो माह पहले शिकायत दी गई थी, जिसमें स्वास्थ्य महकमे में हो रही अनियमितताओं पर बिंदुवार एक सप्ताह में जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसमें कई ऐसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं, जो खासे सुर्खियों में हैं। इनमें नौरंगाबाद पीएचसी की वैक्सीन नोएडा के अपार्टमेंट में पहुंचने का विषय, जिसमें विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत का मामला, कोविड के दौरान संविदा पर तैनात किए गए स्टाफ संबंधी विषय, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की खरीद आदि के विषय महत्वपूर्ण हैं। विधायक की शिकायत पर कमिशभनर की ओर से सीएमओ को पत्र लिखकर एक सप्ताह में जांच के निर्देश दिए गए थे। सीएमओ ने भी इस मामले में अपने अधीन एसीएमओ डॉ.एसपी सिंह को जांच सौंप दी गई। मगर दो माह बीतने के बाद भी महकमे ने चुप्पी साध रखी है। इस पर तमाम चर्चाएं हो रही हैं।
- मामले में एक दर्जन बिंदुओं में अनियमितताओं के चलते मेरे स्तर से कमिशभनर से शिकायत की गई थी। मगर अभी तक उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। अब उनके द्वारा इस मामले में फिर से रिमाइंडर देने की तैयारी है। जरूरत हुई तो शासन स्तर पर भी विषय उठाए जाएंगे। - संजीव राजा, विधायक
औषधि के अभाव में नहीं हो रहे नेत्र ऑपरेशन
विधायक की ओर से इसी माह में एक दूसरा पत्र कमिशभनर को भेजा गया है, जिसमें उल्लेख है कि शीत ऋतु में मोतियाबिंद के ऑपरेशन कराना लोग उचित समझते हैं। मगर जिला अस्पताल में औषधियों की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। विधायक ने कहा है कि कई बार मांग पत्र भेजे जाने के बाद भी जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए दवाओं की आपूर्ति नहीं हुई है। अब चूंकि लोग लगातार ऑपरेशन के लिए पहुंच रहे हैं, मगर दवाएं न होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो रहे और लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। विधायक ने इस मामले में कमिशभनर से संज्ञान लेकर समाधान का अनुरोध किया है।
ये हैं विधायक के सवाल--
- कोविड में जनपद के किन अस्पतालों में कितनी मृत्यु, उनका ब्योरा क्या।
- प्रशासनिक कार्य में लगे डॉक्टर कब और कहां चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं।
- नौरंगाबाद सीएचसी की वैक्सीन नोएडा पहुंचने मामलें में क्या कार्रवाई हुई।
- कोविड में सीएचसी, पीएचसी पर तैनात किए गए स्टाफ की वर्तमान स्थिति।
- जेम पोर्टल के जरिये नियुक्त किए गए कर्मचारियों के नाम व उनकी योग्यता।
- ओटी तकनीशियन के पद पर हुए साक्षात्कार की सूचना कहां प्रसारित की गई।
- आरबीएसके में लगे आयुष डॉक्टरों की ड्यूटी में कब और कहां कैंप लगे हैं।
- रोगी कल्याण समितियों में कौन सदस्य हैं और उनकी बैठकों का क्या क्रम है।
- ऑक्सीजन कंसट्रेटर सीएचसी व पीएचसी पर रखना विचारणीय है या नहीं है।
- शहर विधानसभा क्षेत्र के 11 पीएचसी की विभिन्न बिंदुओं पर क्या स्थिति है।
ऊपर दी गई खबर विधायक संजीव राजा द्वारा स्वास्थ्य विभाग से पूछे गए सवालों को लेकर थी परंतु आज शहर विधायक मुक्ता राजा ने मस्जिदों और लाउडस्पीकरों के बारे में जानकारी मांगने के लिए पत्र सोमवार को लिखा था. इस मामले में एडीएम सिटी ने कहा कि शहर विधायक को सूचना उपलब्ध करायी जा रही है।
वही एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने कहा कि शहर विधायक ने जो सूचनाएं मांगी है. वो उपलब्ध कराई जा रही हैं. मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शासनादेश जारी हुआ था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2018 में मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों की गणना हुई थी. मस्जिद के मुतवल्ली और मौलाना ने प्रशासन को ये रिकॉर्ड दिए थे. उन्होंने बताया कि 2018 में अलीगढ़ की तहसीलों में लाउडस्पीकर लगाने के रिकॉर्ड हैं.राकेश कुमार पटेल ने बताया कि लाउडस्पीकर के संबंध में शहर विधायक की टीम से बातचीत हुई है. गृह विभाग से जो शासनादेश आया था, उस पर भी चर्चा हुई. शासन के आदेश की प्रति शहर विधायक को दी गई है. हमारे एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट शहर में लगे लाउडस्पीकरों की संख्या चेक करा रहे हैं।
सोमवार को अलीगढ़ शहर की विधायक मुक्ता संजीव राजा ने अपर जिला अधिकारी नगर राकेश कुमार पटेल को पत्र लिखा था. उन्होंने पूछा था कि महानगर में कितनी मस्जिद हैं और कितनों में लाउडस्पीकर लगे हैं।
दोनों मुद्दों पर प्रशासन ने क्या किया
आप देख सकते हैं दोनों ही खबर में क्या भिन्नता/फर्क है एक तरफ पूर्व विधायक ने जब प्रशासन से स्वास्थ्य विभाग से कोविड-19 पर 1 दर्जन से अधिक सवाल पूछे तो स्वास्थ्य विभाग सहित प्रशासन जवाब देने में आनाकानी करता रहा और विधायक को मायूसी का सामना करना पड़ा, और उनके द्वारा पूछे हुए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया गया, परंतु उनकी पत्नी मुक्ता राजा विधायक शहर द्वारा मस्जिदों एवं मस्जिदों में लगे लोडीस्पीकर की संख्या बताने में प्रशासन कोई भी कोताही नहीं बरत रहा, आखिर पूर्व विधायक के द्वारा पूछे गए 1 दर्जन से अधिक सवालों का जवाब स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन कब देगा?
योगी आदित्यनाथ सख्त कार्यवाही के मूड में
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद मंगलवार को यूपी सरकार ने धार्मिक जुलूसों और शोभायात्रा आदि के आयोजन के लिए मंजूरी को अनिवार्य बनाने वाला आदेश जारी कर दिया। इस नए आदेश के मुताबिक धार्मिक जुलूस या शोभायात्रा निकालने से पहले आयोजक को अनिवार्य रूप से हलफनामा देना होगा। गौरतलब है कि दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के दौरान हुई हिंसा के बाद यूपी सरकार ने एहतियातन कई कदम उठाए हैं। त्योहारों को देखते हुए चार मई तक यूपी पुलिस के फील्ड में तैनात सभी अधिकारियों (थानेदार से लेकर एसपी तक) की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं। पहले से छुट्टी पर गए अधिकारियों से 24 घंटे के अंदर ड्यूटी पर लौटने को कहा गया है।
04/19/2022 06:44 PM


















