Aligarh
सपा से खफा दिखे पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्लाह, जयंत चौधरी ने इगलास में किया था बेइज़्ज़त?:
अलीगढ़। हिंदुस्तान के मुसलमानों को अपमान नसीब में आ गया है। कहाँ कहाँ हमारा अपमान नहीं होता हम किस कसको कहे - हाजी जमीरउल्लाह , पूर्व सपा विधायक।
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी एक सभा के दौरान एक नेताजी को पीछे करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र में 23 दिसंबर को हुई राष्ट्रीय लोक दल व समाजवादी पार्टी की संयुक्त जनसभा का है। इसमें जयंत चौधरी जब मंच पर आते हैं और लोगों को हाथ हिलाकर अभिवादन करते हैं इस दौरान बीच में एक नेताजी उनके पास आ जाते हैं जिनको वह धक्का देकर पीछे कर देते हैं। वह नेताजी कोई और नहीं बल्कि अलीगढ़ में दो बार समाजवादी पार्टी से विधायक रहे हाजी जमीरउल्लाह हैं। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दी जा रही है।
आज ए आई एम आई एम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने फिरोजाबाद में एक सभा के दौरान इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अलीगढ़ में 10 वर्ष विधायक रहे मुस्लिम समाज के नेता की मंच पर तोहीन हुई। गलती हमारे लोगों की है आखिर क्यों जा रहे हो दूसरे के मंच पर, कब तक दरी बिछाआगे। अपने मंच पर आओ तुम नेता बन जाओ।
हमने जब इस पूरे मामले को लेकर पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्लाह से बात की तो उन्होंने कहा कि मैं कल से यह वीडियो देख रहा हूं और उसमें बहुत से लोग कह रहे हैं मैं अपमानित हुआ। तो यह आज पहली मर्तबा अपमानित नहीं हुए हम। देश में हमारा अपमान कब नहीं हुआ। क्या आजम खान बंद है मुसलमानों का अपमान नहीं है। क्या हमें कुत्ते का बच्चा नहीं कहा गया हमारा अपमान नहीं है। क्या इतनी बड़ी तादाद को लोग अपने साथ मंचों पर शेयर नहीं करना चाहते यह हमारा अपमान नहीं है। यह पहली बार आपने देख लिया तो आपको ऐसा लगा। हमारे लोगों मुसलमानों का अपमान कब नहीं होता कहां नहीं होता। हम ये देखते हैं कि हमारे जो मुसलमान भाई हैं वह बड़े-बड़े नेताओं के सामने खड़े रहते हैं उनको सलाम करने के लिए तो वह भी अपमान है। तो हमारे नसीब में लिखा हुआ है। हिंदुस्तान के मुसलमानों के नसीब में अपमान लिखा हुआ है उसको हम क्या कह सकते हैं। घटना के बाद जयंत चौधरी ने मुझसे कुछ नहीं कहा।
ओवैसी द्वारा आज फिरोजाबाद में घटना का जिक्र करने को लेकर जमीर उल्लाह ने कहा कि 10 साल के विधायक की हैसियत क्या है। देखिए 20-25 साल के सांसद जो बहुत बुजुर्ग हैं उनका नाम संभल के उनके बारे में लोग बुरा बुरा कहते हैं। हिंदुस्तान के मुसलमानों को अपमान नसीब में आ गया है। कहाँ कहाँ हमारा अपमान नहीं होता हम किस कसको कहे। हम जहां जाते है इस नजरिए से जाते हैं कि हमको प्यार मिलेगा हमको मोहब्बत मिलेगी। लेकिन वह चीज नहीं हो पाती जो मिलनी चाहिए। एक नफरत की राजनीति हो चुकी है। वह दुनिया को दिखाने के लिए हर आदमी गले नहीं लगाता आज, वह चाहता है कि मुसलमानों का वोट तो मिल जाए लेकिन मंच पर इसे शेयर ना करें। कहीं ऐसा ना हो कि कोई और दूसरा वोट हम से निकल जाए। तो मुसलमानों का वक्त खराब है। अब रही बात ओवैसी साहब की उनकी अपनी सोच है। मैं समझता हूं कि वह कोशिश कर रहे हैं अल्लाह उन को कामयाब करें उनकी कोशिश में। हम लोग यूपी के मुसलमान हैं सब का मिजाज देख कर चलते हैं जहां सब इकट्ठे हो रहे हैं वहां सब चले जाते हैं और वैसे भी बिखराव हो रहा है। और हम लोगों को बेइज्जती का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए बेहतर यही है कि हम लोग मुसलमान यूपी के जहां जा रहे हैं वहीं एक साथ चले।
घटना के बाद मेरे पास किसी का भी फोन नहीं आया। मेरी तरफ से भी किसी को भी अवगत नहीं कराया गया। मेरी रणनीति यह है कि वह समाजवादी पार्टी के नेता थोड़े ही हैं। उनकी आरएलडी अलग है। वह मुझे जानते हैं या नहीं जानते पहचानते हैं या नहीं। अब उन्होंने क्या सोचकर किया मुझे नहीं मालूम। हमारा स्टैंड यही होगा कि हम ऐसी महफिलों में ना जाए। जब भी किसी मुसलमान की बेइज्जती होती है तो मुझे दुख होता है। ओवैसी द्वारा अपनी तरफ बुलाने पर कहा कि उनका अपना बड़प्पन है। मैं इस लायक नहीं हूं कि लीडर बन सकूं। मैं छोटा सा कार्यकर्ता हूं। अलीगढ़ की जनता ने प्यार दिया है दो बार एमएलए बना। तो इसमें जनता का प्यार ज्यादा है। मेरे कोई शख्सियत ऐसी नहीं है। देश के अंदर जो ज्यादा अपमान कर लेगा वह ज्यादा बड़ा नेता हो जाएगा। ओवैसी के साथ जाने पर कहा कि जनता जो चाहती है हम वह करेंगे।
12/26/2021 04:41 PM


















