Aligarh
मैरिस रोड चौराहे पर शनिवार हुई पशु व्यापारी की हत्या में हड्डी गोदाम पर जनाजा रख कर जाम: पूरी घटना यहाँ पड़ें।
अलीगढ़। महानगर के मैरिस रोड चौराहे पर शनिवार रात रोडरेज में हुई पशु व्यापारी की हत्या के बाद अब दिन में जनता आक्रोशित हो गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव के मोहल्ले में पहुंचते ही हड्डी गोदाम चौराहे पर लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने मुआवजे की मांग करनी शुरू कर दी । काफी देर तक प्रशासन द्वारा परिवार को समझाए जाने के बाद उन्होंने जाम खोला और शव को कब्रिस्तान ले गए। इधर इस मामले में मृत पशु व्यापारी कमाल खान के पिता की तहरीर पर पत्नी सहित 9 ससुरालियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मुआवजे व कार्रवाई की मांग करते हुए परिवार व समर्थकों में सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव मोहल्ले में पहुंचने पर आक्रोश भड़क उठा। इस दौरान पहले एंबुलेंस घेरकर हंगामा किया और हाथ मारकर शीशे तक तोड़ दिए।
फिर शव के दफन के लिए जाते समय कुछ देर ख्वाजा चौक पर और बाद में काफी देर तक हड्डी गोदाम चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। दस बजे से शुरू हुआ घटनाक्रम दो बजे अधिकारियों के उचित मुआवजे के आश्वासन पर शांत हुआ। तब शव को दफन के लिए कब्रिस्तान ले जाया गया। इस दौरान इलाके में काफी तनावपूर्ण व गहमागहमी भरा माहौल रहा।
देहली गेट ख्वाजा चौक के हनीफ खां के सबसे छोटे बेटे 35 वर्षीय पशु व्यापारी कमाल खां की शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे उस समय हत्या कर दी गई, जब वे अपनी बीट कार से छोटे बेटे ढाई वर्षीय अबुजर व पड़ोसी किशोर को लेकर घूमने निकले थे। इसी बीच रोडरेज में कार सवार नशे में धुत युवक ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।
इसके बाद रात में ही शव को पोस्टमार्टम केंद्र पर भेजा गया, जहां तड़के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुबह 9 बजे के करीब शव उनके घर पहुंचाया गया। जहां एंबुलेंस को घेरकर पब्लिक ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान हाथ मारकर एंबुलेंस के शीशे तक तोड़ दिए। किसी तरह पुलिस प्रशासनिक टीम ने शव एंबुलेंस से निकलवाकर घर में पहुंचवाया।
इसके बाद जब करीब 11 बजे शव दफन के लिए कब्रिस्तान जाने लगा तो फिर कई सैकड़ा की संख्या में पब्लिक एकत्रित हो गई और शव को पहले ख्वाजा चौक पर कुछ देर रखा, फिर हड्डी गोदाम चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। यहां पुलिस प्रशासन विरोधी नारेबाजी के बीच पब्लिक व परिवार की ओर से 50 लाख मुआवजे, मकान, नौकरी आदि की आवाज उठी। लोगों की दलील थी कि कमाल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए बच्चों के लिए मुआवजे की व्यवस्था की जाए।
इस बीच सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी के अलावा मेयर मो.फुरकान, पूर्व विधायक जफर आलम, समाजसेवी हाजी राशिद, हाजी ज़हीर, सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी, सपा नेता सलमान शाहिद, युवजन सभा अध्यक्ष आमिर अबिद आदि पहुंच गए। दो घंटे तक चले समझाने बुझाने के दौर के बाद कमाल के भाई मो.शान की ओर से प्रशासन को मुआवजे संबंधी लिखित आवेदन दिया गया, जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से भरोसा दिलाया गया कि शासन में यह पत्र भेजा जाएगा।
वहां से उचित मुआवजा व बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कराई जाएगी। तब जाकर करीब दो बजे जाम खुला और शव को दफन के लिए ले जाया गया। इस मौके पर काफी संख्या में भीड़ मौजूद रही। वहीं सुरक्षा व यातायात के लिहाज से शहर के सभी सीओ, कई थानों का फोर्स भी मौजूद रहा और जाम लगने वाले मार्ग पर बैरीकेड लगाकर यातायात डायवर्ट किया गया।
रविवार को डीएम से मिलने जाएगा परिवार
हंगामा प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी से मुलाकात का मुद्दा भी उछला। जिस पर अधिकारियों की ओर से तय किया गया कि आज वे शव को दफन की प्रक्रिया पूरी करें। रविवार को जिलाधिकारी से उनकी मुलाकात कराई जाएगी। इस तरह अब रविवार को परिवार डीएम से मिलने जाएगा।
महानगर के मैरिस रोड चौराहे पर शुक्रवार देर रात पशु व्यापारी कमाल खां की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कथित प्रॉपर्टी डीलर विनीत अतरौली के गांव बढ़ौली का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद जब उसका नशा उतरा तो उसने सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम बताते हुए कहा कि किसी ने केला नगर चौराहे पर उसकी कार को ठोका था।
वह इसी गुस्से में उस कार सवार को खोजता फिर रहा था। इसी बीच कुछ देर में मैरिस रोड चौराहे पर खड़ी बीट कार में कमाल खां दिखाई दे गया और उसने उतरकर कमाल को टोकते हुए झगड़ा किया तो उसने गाली दी। बस इसी गुस्से में उसने पशु व्यापारी को एक-एक कर तीन गोली मार दीं।
आरोपी को इस बात का अभी तक होश नहीं कि केला नगर पर उसकी कार को टक्कर मारने वाला कार सवार कमाल ही था या कोई और। हां उसकी कार का रंग कुछ ऐसा ही था, जैसा कमाल की कार का था। फिलहाल पुलिस ने उसकी लाइसेंसी पिस्टल व कार को जब्त कर लिया है और लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गांव से तगादे और कपड़े लेने आया था आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह चार से पांच बजे के मध्य अपनी अल्टो कार से गांव से अपने एक परिचित से तगादा करने अलीगढ़ आया था। इस दौरान उसे किशनपुर की एक लाउंड्री से अपने कपड़े भी लेने थे। वहां से चलते में उसने नरौना-12 नंबर के ठेके से शराब खरीदी और रास्ते में उसे पीते हुए 6 बजे के करीब किशनपुर पहुंचा।
यहां उसने कपड़े लिए और फोन कर अपने दोस्त कृष्णा को बुला लिया और फिर शराब पी। इसके बाद दोनों लोग एक साथ नॉनवेज खाने दोदपुर के एक होटल पर गए। जहां काफी देर तक बैठकर खाना पीना चलता रहा। इसी बीच उसके दोस्त कृष्णा की पत्नी का फोन आया तो कृष्णा उस होटल से उठकर अपने घर चला गया।
काफी देर तक खोजी टक्कर मारने वाली कार
दोस्त के जाने के बाद विनीत भी निकलकर घर जाने लगा। इसी बीच जैसे ही केलानगर चौराहा क्रास कर रहा था, तभी किसी कार ने उसकी कार में टक्कर मार दी। उस समय कार के अंदर से ही दोनों में तू तू मैं मैं हुई। इसके बाद विनीत ने उसका पीछा शुरू किया और किशनपुर तक पहुंचा। मगर वह कार गायब हो गई।
इसके बाद वह वापस लक्ष्मीबाई मार्ग से तेज रफ्तार से उस कार को खोजने निकला तो मैरिस रोड चौराहा पार करते समय उसकी शहनवाज नाम के स्कूटी सवार से ओवरस्पीड को लेकर तू तू मैं मैं हुई। वहां विनीत ने शहनवाज को पिस्टल दिखाई तो वह पीछे हट गया। इसके बाद वह आगे लालडिग्गी की ओर गया और फिर तेजी से लौटा तो उसे इस बार मैरिस रोड चौराहे पर कमाल की कार खड़ी मिली।
रंग से उसने अंदाजा लगाया कि यह वही कार है। बस उतरकर सीधे कमाल को खिड़की खोलकर बाहर निकाला और झगड़ा किया। कमाल ने उसे एक-एक कर तीन-चार गाली दीं तो गुस्से में उसने गोली मार दी और भाग गया।
दो घंटे में हो गई आरोपी की गिरफ्तारी
घटना के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने जब सीसीटीवी की मदद से गाड़ी का नंबर ट्रैस कराया और टीमों को उसके पीछे लगाया तो दो घंटे के प्रयास में ही उसे सर्विलांस व एसओजी टीमों ने पीएसी के पास स्थित पेट्रोल पंप के पास दबोच लिया। वह पेट्रोल डलवाकर निकलने की तैयारी में था। वह कार व पिस्टल सहित मिला। गाड़ी में कपड़ों के अलावा कुछ रुपये, कागजात आदि भी मिले।
क्वार्सी तक पीछे लगी थी पुलिस, फिर कर रहा था वॉच
उसने पूछताछ में स्वीकारा कि जब घटना के बाद वह भागा तो उसके पीछे पुलिस की एक गाड़ी क्वार्सी चौराहे पर पीछे लगी। मगर त्योहारी भीड़ में वह पुलिस को चकमा देकर वहां से निकल आया। बाद में पेट्रोल पंप पर काफी देर तक खड़ा होकर पुलिस की गतिविधियों को वॉच करने का प्रयास कर रहा था। उसे अंदाजा न था कि गाड़ी का नंबर पुलिस को मिल जाएगा और वहीं वह दबोचा गया।
यहां उन्होंने खुल्लम-खुल्ला हंगामा करते हुए कमाल के ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया।
यही नहीं खुद कमाल के पिता ने अपनी बहू सहित उसके 9 मायके वालों के खिलाफ तहरीर देकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मगर आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ जब एसएसपी ने पिता व भाइयों को सीसीटीवी आदि के साक्ष्य दिखाए तो परिवार किसी तरह संतुष्ट हुआ।
इसके बाद शनिवार को दिन में मुआवजे के लिए जो आवेदन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया गया, उसमें भाई ने कुछ गुंडों द्वारा हत्या किए जाने का उल्लेख किया है और ससुरालियों द्वारा हत्या का आरोप गायब है। वहीं पुलिस स्तर से अब जांच में सभी ससुरालियों के नाम मुकदमे से हटाए जाने के सीधे-सीधे संकेत हैं।
सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार कमाल के पिता की ओर से दी गई तहरीर में कमाल के सराय मियां में रहने वाले आठ साले कदीर, शकील, वसीम, सलीम, मुस्तकीम, रफीक, नईम व कलीम और कमाल की पत्नी फरजाना को नामजद किया है। जिसमें आरोप है कि कमाल का अपनी पत्नी फरजाना से चार-पांच दिन पहले विवाद हुआ था। उसी समय फरजाना ने बेटे को जान से मरवाने की धमकी दी थी।
तहरीर में आरोप है कि बहू के कहने पर उसके भाइयों ने ही ये हत्या की है। इस आधार पर पुलिस ने सभी सालों को हत्या व बहू को साजिश का आरोपी बनाकर नामजद मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि सीओ का कहना है कि चूंकि साक्ष्यों व आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब कुछ ऐसा बचता नहीं है जो नामजदों के खिलाफ हो। इसलिए विवेचना में नामजदों को क्लीनचिट देने की तैयारी है।
गिरफ्तारी से लेकर परिवार को संतुष्ट करने तक डटे रहे एसएसपी
इस सनसनीखेज घटना की खबर पर एसएसपी कलानिधि नैथानी सबसे पहले जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। फिर उन्होंने घटनास्थल देखा और वहां से कमांड कंट्रोल सेंटर पहुंचे। जिस दौरान वे नगर निगम स्थित कंट्रोल सेंटर पहुंचे, उस समय त्योहार के चलते कंट्रोल सेंटर से स्टाफ गायब था।
इस पर उन्होंने जमकर नाराजगी जताई। बाद में वहां स्टाफ पहुंचा और उन्होंने खुद सीसीटीवी की मॉनीटरिंग करते हुए कार का नंबर ट्रैस कर 6 टीमों को लगाया। जब आरोपी की गिरफ्तारी हो गई और मेडिकल कॉलेज में ही ससुरालियों पर आरोप लगा रहे परिवार को थाने बुलाया गया।
वहां उन्हें सीसीटीवी के साक्ष्य दिखाए गए। आरोपी से पूछताछ के आधार पर तथ्य बताए तो परिवार संतुष्ट हुआ। इसके बाद ही एसएसपी वहां से गए। इस दौरान उन्होेंने एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय की अगुवाई में लगीं नगर व जिले की सर्विलांस/एसओजी टीमों की पीठ ठोंकी।
- प्रारंभिक जांच में ही घटना रोडरेज की समझ में आ रही थी। उसी अनुसार टीमों को लगाया गया था। हालांकि परिवार ने ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कराया। मगर दो घंटे में ही हमारी टीमों ने आरोपी दबोच लिया। पूछताछ में तथ्य साफ हो गए। सीसीटीवी में उसकी कार का आना जाना, कार से उतरना और फायरिंग करना कैद है। हां, अंधेरा होने के कारण कुछ धुंधलापन है। मगर कार का नंबर साफ है और कदकाठी साफ है। इसलिए कुछ बचा नहीं है। इसलिए नामजदों के नाम जांच के आधार पर बरी किए जाएंगे। आरोपी का जेल भेजा गया है। उसका लाइसेंस निरस्त करने को रिपोर्ट दी जा रही है।
- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
‘टोपी पहनाने’ के लिए मशहूर है पकड़ा गया ‘रंगबाज’
पकड़े गए आरोपी के विषय में पुलिस पूछताछ व जांच में काफी कुछ उजागर हुआ है। कभी वह खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताकर पेश करता है तो कभी पत्रकार बताता है। जांच में पता चला है कि लोगों के तरह तरह के काम कराने और उसके बदले में रुपये लेने में उसे महारथ हासिल है। इलाके में उसके विषय में चर्चा है कि वह लोगों को काम कराने के बदले ‘टोपी पहनाने’ में माहिर है। इस आधार पर पुलिस उसका पुराना क्राइम रिकार्ड खंगाल रही है।
शस्त्र लाइसेंस का दुरुपयोग पड़ सकता है भारी
इस हत्याकांड में लाइसेंसी शस्त्र का प्रयोग होने पर एक बार फिर लाइसेंसी शस्त्र के दुरुपयोग का शोर मचा है। खुद एसएसपी बताते हैं कि अब तक उन्होंने अपने कार्यकाल में 200 ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस ऑपरेशन निहत्था के तहत निरस्त कराए हैं, जिनके विषय में आपराधिक गतिविधियों की रिपोर्ट है।
इसके अलावा 200 के निरस्त होने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई है। जिनका होना बाकी है। वहीं फिलहाल जिले में नए शस्त्र लाइसेंस बनने की प्रक्रिया भी रुकी हुई है। ऐसे में उन्होंने लोगों से अपील की है कि संभव हो सके तो शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग से बचें। अन्यथा भारी पड़ सकता है।
11/06/2021 08:47 PM


















