Aligarh
डॉ आस्था की आत्महत्या से हटा पर्दा, पति सहित दो गिरफ्तार व एक फरार: अलीगढ़ पुलिस ने किया खुलासा।
अलीगढ़। महानगर के थाना क्वार्सी अंतर्गत रमेश विहार कॉलोनी में बुधवार की शाम ऑक्सीजन प्लांट की मालकिन डॉ. आस्था अग्रवाल का शव उनके घर में फंदे से लटका हुआ मिला था। इस रहस्यमय घटना से पर्दा हटाते हुए पुलिस ने डॉक्टर आस्था के पति सहित दो अन्य आरोपियों को धर दबोचा है। मेडिकल ऑफिसर डॉ.आस्था अग्रवाल के पति एवं आरोपी अरुण अग्रवाल ने पुलिस को कई चौकाने वाली बातें बतायी। कहा कि उसकी पत्नी का विश्वास उससे उठ चुका था। आस्था और उसके करीबियों के बीच सम्बंधों पर वह अक्सर शक करता था। इसके साथ मकान व ऑक्सीजन प्लांट को लेकर विवाद था। आस्था चाहती थी कि दोनों चीजें उसके नाम हो जाए। आरोप लगाया कि पत्नी के एक नजदीकी ने पिछले दिनों उसके साथ मारपीट तक की है।
बच्चों को घुमाने ले जाने की बात कहकर ट्यूटर को भेजा था वापस
-घटना वाली शाम करीब साढ़े सात बजे अरुण ने कार घर से कुछ कदम पहले ही रोक दी थी। तीनों आरोपियों को वहीं छोड़कर घर के अंदर गया। बच्चें ट्यूशन पढ़ रहे थे। अरुण ने ट्यूटर से कहा कि बच्चों को कहीं घुमाने ले जाना है। थोड़ी जल्दी पढ़ाकर चले जाना।
घर के बाहर हत्यारों ने पी शराब, तभी आस्था को हुआ शक
-घर के बाहर खडे होकर पहले हत्यारों ने शराब पी। आस्था को उसी समय संदेह हो गया था। इस दौरान ही उसने अपनी महिला मित्र को मैसेज किया था कि उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है। अगर उसे कुछ हो जाए तो बच्चों को बहन के पास पहुंचवा देना।
बच्चों को हो गई थी हत्या की जानकारी, डराकर किया चुप
-पूछताछ में सामने आया कि अरुण के दोनों बच्चों को मां की हत्या की जानकारी हो चुकी थी। लेकिन पुलिस की पूछताछ में बच्चों ने अनभिज्ञता जतायी थी। सोमवार को अरुण की गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि दोनों बच्चों को मां की हत्या की जानकारी थी। झगड़े के बाद घर से बाहर ले जाते समय पिता ने बता दिया था कि तुम्हारी मां की मौत हो गई है। इसको लेकर अरुण ने बच्चों को धमकाया था। डर के चलते कुछ नहीं बताया था। गिरफ्तारी के बाद बच्चों के फिर से बयान दर्ज किए गए हैं।
दिल्ली, शिमला, चंडीगढ़ घुमकर वापस आ रहा था अलीगढ़
-सीसीटीवी में अरुण के कैद होने के बाद उसके तीनों साथी भी कैद हैं। इसके बाद भाई के घर से अरुण तीनों को साथ लेकर निकला। यहां से नोएडा एक्सप्रेस वे के रास्ते जेवर टोल पर भी वह कैद हुआ। इसके बाद उन्होंने टोल से आगे एक ढाबे पर खाना खाकर सोते हुए दिन निकाला। दिन निकलते ही यहां से अरुण व अशोक दिल्ली गए और पवन व विकास अलग हो गए। अरुण यहां से सीधे दिल्ली पहाडग़ंज की एक पार्किंग में पहुंचा। जहां उसने अपनी गाड़ी लगाई। वहां सीसीटीवी में अरुण कैद हुआ। इसके बाद मोबाइल की मदद से पता चला कि वह चंडीगढ़ पहुंचा है। वहां से अशोक उससे अलग हो गया। चंडीगढ़ से अरुण शिमला गया। फिर शिमला से वापस चंडीगढ़ लौटा और दिल्ली आकर यहां से अपनी गाड़ी लेकर सुपारी की शेष रकम देने, साथ में न्यायालय में सरेंडर करने के इरादे से अलीगढ़ लौट रहा था। तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
10/18/2021 05:15 PM


















