Aligarh
अलीगढ़/रिपोर्ट:पवन कुमार शर्मा/भगवान शिव के अत्यंत प्रिय सावन के महीने में रुद्राभिषेक करने से सभी देवों के अभिषेक का फल मिलता है। रुद्राभिषेक में समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने की शक्ति है। अतः अपनी आवश्यकता अनुसार अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करके मनोवांक्षित फल प्राप्त कर सकते हैं । शिव पूजा एवं रुद्राभिषेक की श्रृंखला में वैदिक ज्योतिष संस्थान के द्वारा नरवर घाट नरौरा स्थित गंगा घाट पर महामंडलेश्वर स्वामी श्री पूर्णानन्दपुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में रुद्राभिषेक एवं भगवान शिव का अर्चन किया गया।
विश्व मंगलकामना के लिए वैदिक ज्योतिष संस्थान ने किया रुद्राभिषेक: देशहित के लिये जरूरी है राष्ट्रीयता के साथ धार्मिकता : स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज
अलीगढ़/रिपोर्ट:पवन कुमार शर्मा/भगवान शिव के अत्यंत प्रिय सावन के महीने में रुद्राभिषेक करने से सभी देवों के अभिषेक का फल मिलता है। रुद्राभिषेक में समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने की शक्ति है। अतः अपनी आवश्यकता अनुसार अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करके मनोवांक्षित फल प्राप्त कर सकते हैं । शिव पूजा एवं रुद्राभिषेक की श्रृंखला में वैदिक ज्योतिष संस्थान के द्वारा नरवर घाट नरौरा स्थित गंगा घाट पर महामंडलेश्वर स्वामी श्री पूर्णानन्दपुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में रुद्राभिषेक एवं भगवान शिव का अर्चन किया गया।
वैदिक ज्योतिष संस्थान के द्वारा विश्व मंगलकामना को लेकर चलाये जा रहे शिव रुद्राभिषेक अनुष्ठान के तहत
शुक्रवार को बुलंदशहर जनपद के नरौरा स्थित गंगा घाट पर रुद्राभिषेक के मुख्य यजमान कालू प्रेमी उनकी पत्नी दीपिका जिंदल रहे। महामंडलेश्वर स्वामी पूर्णानन्दपुरी जी महाराज के सानिध्य में आचार्य गौरव शास्त्री,दुष्यंत शास्त्री,रवि शास्त्री,ऋषि शास्त्री मनोज शास्त्री आदि आचार्यों ने मुख्य यजमान के द्वारा भगवान शिव परिवार का दूध,दही,घी, शहद,बूरा एवं पंचामृत आदि से रुद्राभिषेक करवाया उसके बाद भांग,धतूरा फल,धतूरा पुष्प,दूर्वा,बेलपत्र आदि से श्रृंगार किया इस अवसर पर स्वामी पूर्णानंदपुरी जी महाराज ने बताया कि चातुर्मास में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं, इस दौरान भगवान शिव समस्त श्रष्टि की डोर सम्भालते हैं और पालनकर्ता होते हैं साथ ही भगवान विष्णु के सभी कामों को देखते हैं, यानि सावन के महीने में त्रिदेवों की सारी शक्तियां भगवान शिव के पास ही होती है अतः श्रावण मास में रुद्राभिषेक से हमारी कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्त को प्राप्त होता है और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है। स्वामी जी ने बताया कि हमारा भारतदेश सम्पूर्ण विश्व में धार्मिकता के लिए विख्यात है अतः देश उत्थान के लिए राष्ट्रीयता के साथ साथ सभी देशवासियों के अंदर धार्मिकता होनी भी जरूरी है। सभी का कर्तव्य है कि रुद्राभिषेक में संजय नवरत्न, रजनीश वार्ष्णेय, नेहा गुप्ता,सलोनी वार्ष्णेय,पवन तिवारी,टीना तिवारी,सुमित वर्मा, दीप्ती वर्मा,कपिल शर्मा, सुनीता शर्मा,नवीन चौधरी,नीति चौधरी,शशि जुनेजा,प्रमोद गुप्ता,गगन गुप्ता,मनोज वार्ष्णेय,प्रमोद सिंह,शशि गुप्ता,दलवीर जुनेजा,अमित जुनेजा,तेजवीर सिंह,डॉली जादौन आदि सहित दर्जनों की संख्या में शिव भक्तों ने उपस्थित होकर भगवान शिव सहित गंगा माँ की आराधना करी।
08/06/2021 05:27 PM


















