Aligarh
सत्य को सत्य बताने के लिये विधि एवं न्याय का क्षेत्र बेहतर: समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट उदयपुर के तत्वाधान में आयोजित "प्रयास "का चतुर्थ सोपान ऑनलाइन संगोष्ठी संपन्न हुई।
आगरा- समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट उदयपुर के तत्वाधान में आयोजित "प्रयास "का चतुर्थ सोपान ऑनलाइन संगोष्ठी की श्रंखला में आज हमें विधि, न्याय और बैंकिंग के क्षेत्र में प्राप्त होने वाली संभावना के विषय पर रखी गई ! संगोष्ठी का मंगलाचरण निसर्ग जैन, भोपाल ने किया! समर्पण संस्था का परिचय देते हुए राजकुमार शास्त्री उदयपुर ने बताया कि समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट प्रारंभ से ही जनकल्याण के कार्यों को करता आ रहा है! और जनसहभागिता ही इसकी आधारशिला है। संगोष्ठी का मूल उद्देश्य जीवन के बदलते कौशल की समझ हासिल करने में, मददगार साबित हो, मुख्य रूप से अपने लक्ष्य की स्थापना के लिए और बेहतर आत्मविश्वास और नेतृत्व विकास के लिए किया जा रहा है।
यह संगोष्ठी उन युवाओं के लिए मददगार साबित होगी जो छात्र-छात्राएं कक्षा बारहवीं/स्नातक एवं स्नातकोत्तर के बाद विधि, न्याय और बैंकिंग में जाना चाहते हैं! उन्हें किस तरीके से अपने जीवन को उतार सकते हैं! इस विषय के अंतर्गत आज अनेक बिंदुओं पर चर्चाओं का लाभ व मार्गदर्शन मिला! संगोष्ठी का प्रारंभ राजेश जैन काला द्वारा सुमधुर ध्वनि गीत के साथ निपुण जैन, वरिष्ठ प्रबन्धक इण्डियन बैंक, भोपाल द्वारा स्वागत भाषण और विद्वानों के परिचय के साथ प्रारंभ हुआ। प्रथम वक्ता के तौर पर के गुडगाँव में लॉ एडवाइजर डॉ. सुधा जैन ने कहा की एक अच्छे शोधार्थी के लिए सत्य की एवं तथ्य की जानकारी अवश्य होनी चाहिए और साथ ही विधि एवं न्याय के क्षेत्र में रहकर जैनधर्मानुसार सदाचार का पालन भी किया जा सकता है।
वही अन्य विशेषज्ञ विद्वान के रूप में युवा एडवोकेट अनुराग जैन बाँसवाड़ा ने अपनी बात को रखते हुए कहा कि लॉ के क्षेत्र में युवा साथी अपने नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिये अवश्य आवें। क्योंकि सत्य की स्थापना नहीं होने पर झूठ ही झूठ बढ़ता रहेगा।
इसीतरह बैंकिंग के क्षेत्र में अपने अनुभवों को शेयर करते हुये विवेक जैन इन्दौर ने अपने विदेश में रहने के अनुभवों को साझा करते हुये कहा - कि धर्म और समाज की सेवा करने का यह अच्छा क्षेत्र है। आप अपने नियमों पर दृढ़ रहिये लोग अपने आप उसके अनुसार बदलने लगते हैं।
इसी क्षेत्र में विद्यार्थी कैसे आगे बढ़ सकता है ? किस तरह की तैयारियां करनी चाहिए? कोचिंग लेना कितना आवश्यक है? इस सबकी जानकारी सुनील कुमार जैन, शाखा प्रबन्धक यूनियन बैंक, बाँसवाड़ा ने दी।
संचालन सहयोगी निपुण जैन भोपाल पे भी अपने 8 वर्ष के बैंकिंग के अनुभव साझा किये और तत्त्वाभ्यास, तत्त्वप्रचार के लिये सबसे सुरक्षित और उपयोगी क्षेत्र बताया।
इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों , नगरों और छोटे-छोटे ग्रामीण अंचल से लोगों ने जुड़कर संगोष्ठी का लाभ लिया ।
संगोष्ठी में जिज्ञासा समाधान के तौर पर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और संगोष्ठी का संचालक गणतंत्र ओजस्वी ने किया और वहीं सभी का आभार अनुराग जैन बाँसवाड़ा ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर अनेकों शैक्षणिक संस्थान और धार्मिक संस्थान के पदाधिकारी, अनेक विद्वान ,अनेक छात्र छात्राएं और जैन समाज के श्रावकश्रेष्ठि मौजूद रहे।
08/02/2021 06:40 AM


















