UttarPradesh
-नामांकन के समय चीरहरण
आजम खां की प्रतिक्रिया:
👉आज़मगढ़ लोकसभा उप-चुनाव में ही असली गंगा-जमुनी तहज़ीब देखने को मिली है।
दलितो ने जमाली को वोट किया अब्दुल ने यादव को और यादव ने बीजेपी को, ठेका अब्दुल भाइयो पर है ?: सोशल मीडिया पर वाइरल मैसेज।
उत्तर प्रदेश। आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा क्षेत्र के उपचुनावों में समाजवादी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। ये लोकसभा क्षेत्र समाजवादी पार्टी के गढ़ के रूप में देखे जाते थे। मुसलमान मतदाताओं के एकमुश्त समर्थन के कारण आजमगढ़ सीट पर यादव परिवार का तो रामपुर सीट पर आजम खान का दबदबा रहता था। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड लहर में भी सपा ने इन दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन केवल ढाई साल में ही सपा को इन दोनों किलों में हार का सामना करना पड़ा है। क्या अखिलेश यादव को मुसलमानों की नाराजगी भारी पड़ी?
रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में जीत से गदगद भाजपाइयों ने रविवार को जश्न मनाया। सिविल लाइंस सुभाष चौराहे पर पार्टी नेताओं ने जहां एक ओर आतिशबाजी की तो वहीं दूसरी ओर ठाकुरदीन हाता में पार्टी नेताओं ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। इसी तरह यमुनापार में भी भाजपाइयों द्वारा पटाखे फोड़े जाने के साथ मिठाई का वितरण किया गया।
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा: उपचुनावों को रूलिंग पार्टी ही अधिकतर जीतती है, फिर भी आज़मगढ़ लोकसभा उपचुनाव में बीएसपी ने सत्ताधारी भाजपा व सपा के हथकण्डों के बावजूद जो काँटे की टक्कर दी है वह सराहनीय है। पार्टी के छोटे-बड़े सभी जिम्मेदार लोगों व कार्यकताओं को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ना है।
यूपी के इस उपचुनाव परिणाम ने एकबार फिर से यह साबित किया है कि केवल बीएसपी में ही यहाँ भाजपा को हराने की सैद्धान्तिक व जमीनी शक्ति है। यह बात पूरी तरह से खासकर समुदाय विशेष को समझाने का पार्टी का प्रयास लगातार जारी रहेगा ताकि प्रदेश में बहुप्रतीक्षित राजनीतिक परिवर्तन हो सके।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा: रामपुर और आज़मगढ़ चुनाव के नतीजे से साफ़ ज़ाहिर होता है कि सपा में भाजपा को हराने की न तो क़ाबिलियत है और ना क़ुव्वत। मुसलमानों को चाहिए कि वो अब अपना क़ीमती वोट ऐसी निकम्मी पार्टियों पर ज़ाया करने के बजाये अपनी खुद की आज़ाद सियासी पहचान बनाए और अपने मुक़द्दर के फ़ैसले ख़ुद करे।
अखिलेश यादव ने कहा:
भाजपा के राज में लोकतंत्र की हत्या की क्रॉनॉलॉजी:
-नामांकन के समय चीरहरण
-नामांकन निरस्त कराने का षड्यंत्र
-प्रत्याशियों का दमन
-मतदान से रोकने के लिए दल-बल का दुरुपयोग
-काउंटिंग में गड़बड़ी
-जन प्रतिनिधियों पर दबाव
-चुनी सरकारों को तोड़ना
ये है आज़ादी के अमृतकाल का कड़वा सच!
समाजवादी पार्टी ने कहा:
भाजपा की ये जीत बेईमानी , छल ,सत्ता का बल ,लाठी और गुंडागर्दी का दम ,लोकतंत्र और संविधान की अवहेलना ,जोर जबरदस्ती और प्रशासनिक सरकारी गुंडई तथा चुनाव आयोग की धृतराष्ट्र दृष्टि तथा भाजपाई कौरवी सेना की जनमत अपहरण की जीत है ,
लोकतंत्र लहूलुहान है और जनमत हारा है!
आजम खां की प्रतिक्रिया:
चुनाव परिणाम के बाद एक चैनल को दिए इंटरव्यू में आजम खां ने कहा कि अगर हमें पता होता कि ऐसा होगा तो हम उपचुनाव में अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारते और वॉकओवर दे देते लेकिन शायद निर्णय लेने में चूक हो गई, गलती हमारी ही है।
उन्होंने कहा कि जो भी वोट सपा को पड़ा है उसके लिए मतदाताओं की हिम्मत और हौसले को सलाम। कहा कि मुझे हराकर उन्हें खुशी नहीं मिली जो सिस्टम को हराकर खुशी मिली है। उन्होंने रामपुर की शराफत, बेबसी, गरीबी को हराया है।
सोशल मीडिया पर लोगो ने कहा
👉आज़मगढ़ लोकसभा उप-चुनाव में ही असली गंगा-जमुनी तहज़ीब देखने को मिली है।
यादव जाति ने बीजेपी उम्मीदवार 'दिनेश यादव' को टूटकर वोट किया है। सपा उम्मीदवार 'धर्मेंद्र यादव' को सबसे अधिक मुसलमानों ने वोट किया है और बसपा उम्मीदवार 'गुड्डू जमाली' को सबसे अधिक दलितों ने वोट किया है,
👉जबकि आज़मगढ़ लोकसभा सीट यादव बाहुल्य है। इस सीट पे सबसे अधिक यादव जाति का वोट है। दूसरे नम्बर पे मुस्लिम समुदाय का वोट है और तीसरे नम्बर पे दलित समुदाय का वोट है। बीजेपी उम्मीदवार दिनेश यादव उर्फ़ निरहुआ को जो वोट मिला है। आप उससे आज़मगढ़ उप-चुनाव को आसानी से समझ सकते हैं।
👉समाजवादी पार्टी के गढ़ में बीजेपी की जीत किसकी वजह से हुई। इस बार तो @asadowaisi के उम्मीदवार भी मैदान में नहीं थे। किसको जिम्मेदार ठहराएंगे @yadavakhilesh। उनको भी गौर करना चाहिए जो हर बार बीजेपी की जीत की वजह @aimim_national को बता देते हैं।
#Azamgadh #Rampur
👉आखिर #मुसलमान क्यो #भाजपा को हराना चाहेगी..
क्या उसपर जुल्म हो रहा है?
क्या उसे सरकारी योजना का लाभ नही मिल रहा है?
क्या उसे दंगो की आग में जलना पड़ रहा है?
क्या उसके लिये अतिरिक्त प्रयास अल्पसंख्यक योजनाओं के तहत नही हो रहा है?
मुस्लिमों को बहकाना बन्द करिये वे आपके गुलाम नही है
👉भाई आपने सही बात कहा है मुसलमानों ने बीजेपी को हराने का ठेका नहीं लिया है
लेकिन मुस्लिम बीजेपी को वोट देने से इसलिए पीछे हट जाता है क्योंकि बीजेपी में बहुत सारे ऐसे नेता है जो मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते है
👉Bhai aap log koi musalman candidate khada hota hai bjp se to aap log use bhi toh vote nahi dete, fir Owaisi ji press conferences me bolte hai bjp q nahi musalmano ko seats nahi deti
👉"क्योंकि बीजेपी में बहुत सारे ऐसे नेता है जो मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलते है"...
This is mainly thought provoking thing that force Muslims to vote to defeat BJP, because that is perception created by opposition parties and paid medias that strikes very deep hard in Muslims.
👉जो कहते हैं कि मुस्लिम @BJP4India से नफरत करते हैं वो बहुत बड़े मुर्ख हैं |
अगर ऐसा होता तो भाजपा आजमगढ़ और रामपुर जहां मुस्लिम समुदाय की तादाद अच्छी हैं |
वहां भाजपा कभी चुनाव नही जीत पाती |
👉ये एकतरफा वातावरण नहीं है। और यह सिर्फ पिछले कुछ वर्षों मे हुआ है कहना गलत होगा। ये मर्ज़ पुराना है। जरूरत है की तनाव की स्तिथि को यथा संभव हो स्वयं परख सही जानकारी हासिल करने की। तत्पश्चात प्रतिक्रिया करने की।
06/26/2022 08:25 PM


















